Prabhat Books
Prabhat Books

संपादकीय

इस संवेदना काे नमन इस संवेदना काे नमन
लक्ष्मी शंकर वाजपेयी वे कश्मीर घूमने निकले थे, प्रसन्न मन से गीत सुनते, हँसते-बतियाते जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने एक सड़क दुर्घटना देखी। भीड़ तो जुटने लगी थी लेकिन घायल की मदद को कोई आगे नहीं आ रहा था। ...और आगे

प्रबंध-संपादकीय

साहित्य की नई क्रांति : सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा लिखी गई पुस्तकों का बाजार साहित्य की नई क्रांति : सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा लिखी गई पुस्तकों का बाजार
पीयूष कुमार समय के अनुसार संसार का हर क्षेत्र परिवर्तनशील होता है। साहित्य का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। डिजिटल युग में साहित्य का चेहरा अब पूरी तरह बदल चुका है। ...और आगे

प्रतिस्मृति

छूटा हुआ कुछ छूटा हुआ कुछ
से.रा. यात्री जीने की आखिरी सीढ़ी पर पहुँचकर उसने दोनों थैलों को दरवाजे के सहारे टिका दिया और ठहरकर लंबी उसाँसें भरने लगा। ...और आगे

कविता

गरमी आई गरमी आई
निखिल कुमार मीणा ‘गरमी आई गरमी आई ये कैसी हठधर्मी लाई, लू-लपटों के चले थपेड़े मौसम में बेशरमी आई। ...और आगे

कहानी

सूखी नदी सूखी नदी
भरत चंद्र शर्मा सुपरिचित रचनाकार। अब तक चौदह पुस्तकें प्रकाशित, जिनमें छह कहानी-संग्रह, दो उपन्यास, दो व्यंग्य-संग्रह, दो बालकथा-संग्रह तथा एक लघुकथा संग्रह है। ...और आगे

लघुकथा

व्हाट्सएप्प कितना उपयोगी ?
पुष्पा खरे व्हाट्सएप्प आने से जितने लाेग खुश हैं, उतने ही लोग इसके आने से नाखुश हैं। जिसमें हमारी ग्रामीण जनता जो मोबाइल पर केवल अपने बेटे-बेटी की आवाज सुनना चाहते हैं, ...और आगे

आलेख

लोकमान्य तिलक और गीता रहस्य लोकमान्य तिलक और गीता रहस्य
ऊषा निगम सुपरिचित लेखिका। स्वतंत्रता सेनानियों पर विशेष लेखन। अब तक ‘क्रांति और स्वाधीनता’, ‘काकोरी की याद में’, ‘क्रांति का इतिहास और सुधीर विद्यार्थी’, ...और आगे

एकांकी

सेर पर सवा सेर सेर पर सवा सेर
सुनील गज्जाणी सुपरिचित लेखक। अब तक ‘ओस री बूँदाँ’ (राजस्थानी), ‘किनारे से परे’ एवं अन्य नाटक (हिंदी नाट्य संग्रह), ‘बोई कट्या हे’ (राजस्थानी बाल नाट्य-संग्रह), ...और आगे

व्यंग्य

बंसी बाबू जमानतदार बंसी बाबू जमानतदार
शशिकांत सिंह ‘शशि’ सुपरिचित रचनाकार। ‘बटन दबाओ पार्थ’, ‘सागर मंथन चालू है’, ‘मंडी में ईमान’ (व्यंग्य-संकलन) एवं विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। संप्रति पी.जी.टी. भूगोल, जवाहर नवोदय विद्यालय सुखासन, मधेपुरा, बिहार। ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

गुजराती कहानी:- वर्ड्सवर्थ, वसुधा व वर्षा गुजराती कहानी:- वर्ड्सवर्थ, वसुधा व वर्षा
जिज्ञा वोहरा श्रीमती जिज्ञा वोहरा सुपरिचित लेखिका एवं शिक्षिका हैं। उनकी कविताएँ व कहानियाँ विभिन्न पत्र-प​त्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं और कुछ पुरस्कृत भी हैं। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

डेनमार्क की कहानी :- एक माँ की कहानी डेनमार्क की कहानी :- एक माँ की कहानी
हंस किचन ऐंडरसन सुप्रसिद्ध लेखक हान्स क्रिश्चियन एंडर्सन का जन्म २ अप्रैल, १८०५ को ओडेंस (डेनमार्क) में हुआ। अपने बचपन में ही उन्होंने कठपुतलियों के लिए एक नाटक की रचना कर अपनी भावी कल्पनाशक्ति का परिचय दिया। ...और आगे

रिपोर्ताज

कर्जन पुल कर्जन पुल
श्रीकांत उपाध्याय वरिष्ठ साहित्यकार। रहीम, कबीर, सूर पर समीक्षात्मक पुस्तकें प्रकाशित। ‘दस डिग्री चैनल’ (अंडमान के संस्मरण) प्रकाशित। साहित्य अकादेमी द्वारा प्रकाशित ‘हिंदी कविता में अंडमान’ में रचनाएँ सम्मिलित। बिहारी, धनानंद एवं संस्मरण पर पुस्तकें प्रकाशनाधीन। ...और आगे

ललित निबंध

देखत ही छिप जाएगा… देखत ही छिप जाएगा…
वंदना मुकेश सुपरिचित लेखिका। ‘नौवें दशक का हिंदी निबंध साहित्य एक विवेचन’ (शोध प्रबंध), पत्र-पत्रिकाओं और साहित्यिक पुस्तकों, ...और आगे

यात्रा-वृतांत

टीपेश्‍वर अभयारण्य : रोमांचक सफारी टीपेश्‍वर अभयारण्य : रोमांचक सफारी
ममता मेहता सुपरिचित लेखिका। अब तक ‘लातों के भूत’, ‘अजगर करे न चाकरी’, ‘व्यंग्य का धोबीपाट’, ‘झुकती है जनता झुकाने वाला...’, ‘कुछ पल फुरसत के’ (व्यंग्य-संग्रह), ...और आगे

बाल-संसार

ओझा ओझा
हरदेव सिंह धीमान् ‘मफता से सफलता’ बाल-कहानी-संग्रह तथा पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। आकाशवाणी शिमला से वार्त्ता, बाल कहानी, नाटक प्रसारित। ...और आगे

लोक-साहित्य

हरियाणवी लोक-साहित्य में पं. लखमीचंद
प्रिया लथवाल इस बात में कोई संशय नहीं कि भारत की भाषाई व सांस्कृतिक विविधता भारत को विश्व के अन्य देशों से अलग बनाती है। भारत बहुभाषी देश होने के बावजूद मानवीय मूल्यों व संवेदनाओं के स्तर पर गहन रूप से जुड़ा हुआ है। ...और आगे

कविता

बंद करो यह विनाशलीला बंद करो यह विनाशलीला
रेखा शाह आरबी सुपरिचित रचनाकार। सृजन भाषा हिंदी, भोजपुरी। अब तक ‘संघर्षों की रेखाएँ’ (काव्य संकलन) प्रकाशित। ‘स्वर्णिम दर्पण’ पत्रिका, कविता मंच, ग्राम टूडे समाचार-पत्र तथा और भी मंचों के द्वारा सम्मान प्राप्त। ...और आगे

कहानी

चेहरे पर चेहरा चेहरे पर चेहरा
सुधा जुगरान सुपरिचित लेखिका। अब तक १३ पुस्तकें प्रकाशित, जिनमें आठ संग्रह, दो उपन्यास तथा समीक्षाओं की एक पुस्तक। एक पुस्तक हिंदी से गढ़वाली में अनुवाद की। ...और आगे