Prabhat Books
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संपादकीय

तब बनती हैं कविताएँ कालजयी तब बनती हैं कविताएँ कालजयी
(लक्ष्मी शंकर वाजपेयी) एक प्रतिष्ठित संस्था ने छात्र-छात्राओं में कविता के प्रति अनुराग जगाने तथा भाषा को परिष्कृत करने के उद्देश्य से देश भर के विद्यालयों से एक-डेढ़ मिनट की वीडियो आमंत्रित किए। छात्र-छात्राओं को साठ से अधिक दी गई कविताओं में से किसी एक कविता का वाचन करना था। ...और आगे

प्रबंध-संपादकीय

स्क्रीन के दौर में साहित्य की यात्रा स्क्रीन के दौर में साहित्य की यात्रा
पीयूष कुमार स्मार्टफोन ने हमारे पढ़ने के तरीके, लेखकों को खोजे जाने की प्रक्रिया और पुस्तकों के प्रसार—तीनों को बदल दिया है। लेकिन साहित्य शायद हमारी कल्पना से कहीं अधिक अनुकूलनशील है। कम-से-कम पुस्तकों को हर साल अपग्रेड तो नहीं चाहिए। ...और आगे

प्रतिस्मृति

चील चील
शैलेश मटियानी (१४ अक्तूबर, १९३१—२५ अप्रैल, २०१५) अब सुबह हो चुकी थी और वह बाजार की ओर बढ़ रहा था, लेकिन कल रात का हादसा उसके अस्तित्व पर से अभी उतरा नहीं था। ...और आगे

कहानी

पंखकटा पक्षी पंखकटा पक्षी
राजेंद्र परदेसी सुपरिचित रचनाकार एवं चित्रकार। साहित्य की लगभग सभी विधाओं में रचना-कर्म। ‘हताशा होने से पहले’ (कविता-संग्रह), ‘भोजपुरी लोककथाएँ’, ‘दूर होता गाँव’ (लघुकथा-संग्रह), ...और आगे

व्यंग्य

मेरा रिटायरनामा मेरा रिटायरनामा
गोविंद सेन सुपरिचित लेखक। ‘बिना पते का प्रशंसा-पत्र’, ‘साहब का बसंत’, ‘गधों का आदमी विमर्श’ (व्यंग्य-संग्रह), ‘सफेद कीड़े’, ‘दसवीं के भोंगाबाबा’, ‘अधूरा घर’, ‘चयनित कहानियाँ’ (कहानी-संग्रह), ...और आगे

लघुकथा

यादों का बैंक
कृति आर.के. जैन बड़वानी (म.प्र.) दूरभाष : ७९९९२४०३७५ ...और आगे

आलेख

काश, हमने गांधीजी की  सलाह पर ध्यान दिया होता काश, हमने गांधीजी की सलाह पर ध्यान दिया होता
रीतारानी पालीवाल मानी-जानी-अनुवादक। कविता, आलोचना, नाट्य, आलोचना, भाषा एवं अनुवाद चिंतन पर पुस्तकें प्रकाशित। ...और आगे

कविता

झूठ के घोंसले नहीं होते झूठ के घोंसले नहीं होते
प्रशांत उपाध्याय सुपरिचित कवि-लेखक। ‘शब्द की आँख में जंगल’, ‘गीतों में झाँकते दोहे’, ‘थोड़ी-बहुत गजल की को​िशश’, ‘सच में कितने पागल हैं हम’ (काव्य-संग्रह) ...और आगे

एकांकी

संत रविदास : मानवता का दीप संत रविदास : मानवता का दीप
विजय श्रीवास्तव मूलत: शिक्षक। सर्वोत्तम शिक्षक सम्मान, अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति सम्मान, सखी साहित्य सम्मान, सर्वोदय रत्न सम्मान, हिंदी श्री सम्मान, साहित्य चेतना सम्मान, संस्कार भारती द्वारा हिंदी गौरव सम्मान सहित अनेक सम्मान प्राप्त। ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

विदेश (ओड़िया कहानी) विदेश (ओड़िया कहानी)
गौरहरि दास अब तक २० से अधिक कहानी-संग्रह प्रकाशित। ‘सरला पुरस्कार’, ...और आगे

यात्रा-वृत्तांत

यात्रा चार अनूठे शिव धामों की... यात्रा चार अनूठे शिव धामों की...
सत्यनारायण सत्य सुपरिचित लेखक। पुस्तक ‘धन-धन म्हारो राजस्थान’ पर राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर द्वारा पं. जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य पुरस्कार ...और आगे

लोक-साहित्य

बुंदेलखंड के लोक-साहित्य में राम बुंदेलखंड के लोक-साहित्य में राम
मनीषा गिरी सुपरिचित रचनाकार। अब तक ‘आधुनिक हिंदी साहित्य में स्त्री विमर्श’, ‘ख्वाबों में तुम’ (काव्य-संग्रह) तथा हिंदी की महत्त्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में शोध आलेख एवं समीक्षाएँ प्रकाशित। ...और आगे

बाल-संसार

सच्चा मित्र सच्चा मित्र
एन. कल्याणी जानी-मानी रचनाकार। अब तक ‘मिस्ट्रीज एंड म्यूजिंग्स’ (कविता-संग्रह) और ‘मेक इट बिग-इंस्पिरेशनल एंड ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

भाग्य (अमरीकी कहानी) भाग्य (अमरीकी कहानी)
मार्क ट्वेन अमेरिका में जनमे विश्वप्रसिद्ध लेखक श्री मार्क ट्वेन (जन्म ३० नवंबर, १८३५) एक सफल व्यवसायी, प्रकाशक व लेक्चरर थे। अपनी विशिष्ट हास्य-विनोद से परिपूर्ण चुटीली शैली में उन्होंने अनेक लोकप्रिय रचनाएँ लिखीं, ...और आगे

कहानी

दूरी सिर्फ शहरों की दूरी सिर्फ शहरों की
श्रीति चौधरी नवोदित लेखिका। मन की गहराइयों में उमड़ते-घुमड़ते विचार, कभी कविता, कभी कहानी का रूप ले लेते हैं। अनेक रचनाएँ पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। संप्रति स्वतंत्र लेखन। ...और आगे

आलेख

वंदे मातरम् की डेढ़ शतकीय यात्रा वंदे मातरम् की डेढ़ शतकीय यात्रा
राजेश्वर उनियाल हिंदी साहित्य के धनी एवं कवि। भारत के राष्ट्रपति से सम्मानित। अब तक १४ कृतियाँ तथा ३००० से अधिक रचनाएँ ...और आगे

कविता

पाँच गजलें पाँच गजलें
आलोक अविरल कवि-शायर होने के साथ-साथ एक कुशल एंकर, पैनल मॉडरेटर, प्रेरक वक्ता और वॉयस ओवर आर्टिस्ट। ETNow द्वारा ‘Top 100 Retail Minds of India’ के सम्मान, ...और आगे

आलेख

हनुमानजी : आदर्श प्रबंधन गुरु हनुमानजी : आदर्श प्रबंधन गुरु
प्रमोद कुमार अग्रवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा से अवकाश प्राप्त प्रमोद कुमार अग्रवाल हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं। वे १९८७ से १९९२ तक गंगा निर्मलीकरण योजना में केंद्र सरकार की ओर से उ.प्र. में निदेशक रहे। ...और आगे