Prabhat Books
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संपादकीय

हर समाधान है भारतीय ज्ञान-परंपरा में… हर समाधान है भारतीय ज्ञान-परंपरा में…
लक्ष्मी शंकर वाजपेयी यह बात तब की है जब भारत पर ईस्ट इंडिया कंपनी का राज था। भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के भी कई दशक पहले की...। पुर्तगाल देश की संसद् में एक विद्वान् सांसद भारत के संबंध में एक बयान दे रहे हैं। ...और आगे

प्रबंध-संपादकीय

दुनिया के अनोखे बुक क्लब और कैसे पढ़ती है दुनिया दुनिया के अनोखे बुक क्लब और कैसे पढ़ती है दुनिया
पीयूष कुमार विश्व में अनेक क्रांतियों का उदय हुआ। औद्योगिक क्रांति, फ्रांसीसी क्रांति, अमेरिकी क्रांति, रूसी क्रांति, हरित क्रांति आदि ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया। इन क्रांतियों ने जहाँ देशों और लोगों को प्रभावित किया, वहीं पुस्तकों की क्रांति ने भी इन दिनों हर ओर अपना वर्चस्व बनाया हुआ है। ...और आगे

प्रतिस्मृति

भारतीय परंपरा में काल की अवधारणा भारतीय परंपरा में काल की अवधारणा
पं. विद्यानिवास मिश्र २८ जनवरी, १९२६—१४ फरवरी, २००५ भारतीय परंपरा की काल अवधारणा की प्रासंगिकता आज कुछ अधिक हो गई है, क्योंकि ... ...और आगे

आलेख

भारतीय ज्ञान-परंपरा और ब्रज-संस्कृति भारतीय ज्ञान-परंपरा और ब्रज-संस्कृति
बल्देव भाई शर्मा प्रख्यात पत्रकार, लेखक और चिंतक। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय रायपुर, छत्तीसगढ़ के कुलपति तथा नेशनल बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष रहे। अनेक प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में ५०० से ज्यादा आलेख प्रकाशित। ...और आगे

प्रतिस्मृति

जंबूद्वीपे-भरतखंडे... जंबूद्वीपे-भरतखंडे...
कुबेरनाथ राय २६ मार्च, १९३३—५ जून, १९९६ शब्दों को समझा ही नहीं जाता है, उसे भोगा भी जाता है। अवश्य ही सदैव नहीं, कभी-कभी...विशिष्ट संदर्भ में ही। ...और आगे

लघुकथा

चातुर्मास
'अहिंसा परमो धर्म:' के उच्च आदर्शों पर चलते हुए जैन धर्म के आचार्य, उपाध्याय एवं साधु-साध्वियाँ सभी प्राणियों की.... ...और आगे

आलेख

आयुर्वेद : सनातन विज्ञान से  वैश्‍विक समाधान तक की यात्रा आयुर्वेद : सनातन विज्ञान से वैश्‍विक समाधान तक की यात्रा
आचार्य बालकृष्ण आयुर्वेद के विश्वव्यापी शोध, अनुसंधान एवं नवाचार के लिए आयुर्वेद विशेषज्ञ; आधुनिक... ...और आगे

आलेख

भारतीय ज्ञान-परंपरा का शिक्षा में समावेशन भारतीय ज्ञान-परंपरा का शिक्षा में समावेशन
अतुल कोठारी ‘शिक्षा बचाओ आंदोलन समिति’ के आद्य संस्थापकों में से एक। ‘शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास’ के संस्थापक सह सचिव। ...और आगे

आलेख

भारतीय ज्ञान-परंपरा में कला की अवधारणा भारतीय ज्ञान-परंपरा में कला की अवधारणा
सच्चिदानंद जोशी जाने-माने पत्रकार। रंगमंच, टेलीविजन तथा साहित्य के क्षेत्र में सक्रियता। संप्रेषण कौशल, व्यक्तित्व विकास,... ...और आगे

आलेख

भारतीय ज्ञान-परंपरा : आर्ष ग्रंथों का उद्‍बोधन भारतीय ज्ञान-परंपरा : आर्ष ग्रंथों का उद्‍बोधन
मृदुल कीर्ति भारतीय सांस्कृतिक ग्रंथों को मूल संस्कृत से विभिन्न छंदों में, हिंदी—सामवेद काव्यानुवाद चौपाई-दोहे छंद में, अथर्ववेद प्राण-.. ...और आगे

आलेख

भारतीय दर्शन :  जीवन का व्यावहारिक मार्गदर्शन… भारतीय दर्शन : जीवन का व्यावहारिक मार्गदर्शन…
किशोर मकवाणा डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पर हिंदी-गुजराती भाषाओं में दस पुस्तकें, ‘युगपुरुष स्वामी विवेकानंद’, ‘समर नहीं, समरसता’... ...और आगे

लघुकथा

कुश
पूजा, अर्चना आदि धार्मिक कार्यों में कुश का प्रयोग अतीत से अब तक किया जा रहा है। यह एक प्रकार की घास है, जिसे.. ...और आगे

आलेख

भारतीय ज्ञान-परंपरा का व्यावहारिक पहलू भारतीय ज्ञान-परंपरा का व्यावहारिक पहलू
आनंदप्रकाश त्रिपाठी हिंदी, संस्कृत और भाषा विज्ञान विभाग के अनेक बार अध्यक्ष रहे, भाषा-अध्ययनशाला के डीन रहे। ...और आगे

आलेख

भारतबोध : ज्ञान-परंपरा से जुड़ना आवश्यक भारतबोध : ज्ञान-परंपरा से जुड़ना आवश्यक
कैलाश चंद्र पंत प्रसिद्ध पत्रकार और लेखक। नेहरू साक्षरता पुरस्कार, साहित्य भूषण, सुब्रह्मण्यम भारती सम्मान, शरद जोशी सम्मान.... ...और आगे

कहानी

बेल
शिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान् शिव को बिल्वपत्र चढ़ाने की विशेष महत्ता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान्.. ...और आगे

कविता

सतत सनातन सतत सनातन
विजय कुमार मिश्र जाने-माने लेखक। अब तक पाँच पुस्तकें एवं देश-विदेश की कई शोध-पत्रिकाओं में पंद्रह शोध-पत्र प्रकाशित। ...और आगे

आलेख

लोक-चिकित्सा की भारतीय ज्ञान-परंपरा लोक-चिकित्सा की भारतीय ज्ञान-परंपरा
प्रेमपाल शर्मा सुपरिचित लेखक-संपादक। बुलंदशहर (उ.प्र.) के मीरपुर-जरारा गाँव में जन्म। देसी चिकित्सा लेखन में विशेष दक्षता। ...और आगे

पुस्तक-अंश

बोधशाला बोधशाला
श्री अनीश अरुण आनंद हर देश की एक अपनी विशिष्ट पहचान होती है। आधुनिक शब्दावली में इसे 'ब्रांड आइडेंटिटी' भी कहा जाता है। ...और आगे