Prabhat Books
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सितम्बर 2022

IS ANK MEN

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संपादकीय

विकासशील से विकसित की यात्रा में
शायद आपकी भी नजरों से गुजरा हो! सोशल मीडिया पर एक संदेश अकसर पढ़ने को मिल जाता है, ...और आगे

प्रतिस्मृति

कफन चोर कफन चोर
कीना की बुखार से जलती हुई पलकों पर एक आँसू चू पड़ा। ...और आगे

कहानी

कैरियरिस्ट कैरियरिस्ट
सुबह साढ़े ग्यारह बजे का समय। ठंड के कारण उँगलियाँ कंप्यूटर पर ठीक प्रकार से चल नहीं रही थीं। ...और आगे

लघुकथा

नोक-झोंक नोक-झोंक
''भइया! भाभी पूछ रही हैं, खाना लगा दें?'' राधा ने आँगन में बैठे माधव बाबू से पूछा। ...और आगे

आलेख

हिंदी दिवस (१४ सितंबर) पर विशेष : संयुक्त राष्ट्र की भाषा बने हिंदी हिंदी दिवस (१४ सितंबर) पर विशेष : संयुक्त राष्ट्र की भाषा बने हिंदी
भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसकी पाँच भाषाएँ विश्व की १६ प्रमुख भाषाओं की सूची में सम्मिलित हैं। ...और आगे

राम झरोखे बैठ के

राम झरोखे बैठ के राम झरोखे बैठ के
हमने इधर अनुभव किया है कि मौसम का मिजाज कुछ तेज हो गया है ...और आगे

संस्मरण

जन्मतिथि (२८ सितंबर) पर विशेष: लता ताई जन्मतिथि (२८ सितंबर) पर विशेष: लता ताई
सुप्रसिद्ध लेखिका। साहित्य की अनेक विधाओं में निरंतर लेखन। कहानी-संग्रह ...और आगे

साहित्य का भारतीय परिपार्श्व

मलयाली कहानी मलयाली कहानी
पूमातै एक खूबसूरत युवती थी। उसका जन्म 'पूलुव' नामक अछूत जाति में हुआ। ...और आगे

कविता

अँजुरी भर गीत अँजुरी भर गीत
ना सुलगती रात, ना दिन आँसुओं से भीगते। प्यार के बदले अगर तुम प्यार देना सीखते॥ ...और आगे

दोहे

दोहों का संसार दोहों का संसार
सुपरिचित कवयित्री। संप्रति उप-संपादिका 'साहित्य अमृत'। ...और आगे

व्यंग्य

ऑनरेरी पी-एच.डी. का खुला रहस्य ऑनरेरी पी-एच.डी. का खुला रहस्य
सुपरिचित साहित्यकार। प्रयोगधर्मी व्यंग्यकार के रूप में ख्याति प्राप्त। अनेक वर्षों से हिंदी भाषा एवं व्यंग्य साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन में प्रयासरत। ...और आगे

साहित्य का विश्व परिपार्श्व

घोड़ागाड़ी का स्टैंड घोड़ागाड़ी का स्टैंड
चार्ल्स डिकेंस का जन्म ७ फरवरी, १८१२ को हुआ था। वे विक्टोरियन युग के सबसे लोकप्रिय अंग्रेजी उपन्यासकार थे, साथ ही एक सशक्त सामाजिक आंदोलन के सदस्य भी। ...और आगे

साहित्य अमृत मासिक का लोकार्पण

साहित्य अमृत मासिक का लोकार्पण साहित्य अमृत मासिक का लोकार्पण
तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकार दयाल शर्मा को 'साहित्य अमृत' का प्रवेशांक भेंट करते हुए प्रबंधक संपादक श्यामसुंदर, साथ में हैं पत्रिका के संस्थापक संपादक प. विद्धयानिवास मिश्र एवं प्रतिष्ठित साहित्यकार ...और आगे